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प्री-वेडिंग फोटोशूट के दौरान एक युवक अपनी मंगेतर के साथ पानी के कुंड के पास फोटो खिंचवाने गया था। इसी दौरान कुंड की ओर उतरते समय उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में गिर गया। मंगेतर के सामने ही उसकी डूबने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार अर्जुन और उसकी मंगेतर की एक महीने पहले ही सगाई हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया। मंगलवार शाम तक युवक का पता नहीं चल सका। इसके बाद बुधवार सुबह संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उसका शव कुंड से बाहर निकाला गया। यह घटना राजसमंद जिले के दिवेर थाना क्षेत्र की बागाना ग्राम पंचायत स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गोरीधाम की है। मंगलवार को (9 जून) को युवक अपनी मंगेतर के साथ घूमने के लिए यहां पहुंचा था। मंगेतर और उसके अंकल के साथ आया था गोरीधाम दिवेर थाना प्रभारी दौलत सिंह के अनुसार चित्तौड़गढ़ के कोतवाली थाना क्षेत्र की सुरजना चौकी निवासी अर्जुन दमामी (20) अपनी मंगेतर और मंगेतर के अंकल के साथ गोरीधाम घूमने आया था। गोरीधाम पहुंचने के बाद मंगेतर के अंकल मंदिर परिसर में ही रुक गए। इस दौरान अर्जुन और उसकी मंगेतर यह कहकर नीचे की तरफ चले गए कि वे फोटोशूट करके वापस आ जाएंगे। पानी के पास जाते समय हुआ हादसा नीचे पहुंचने के बाद अर्जुन नहाने के लिए पानी के नजदीक गया। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में चला गया। मंगेतर के सामने ही अर्जुन कुंड में डूब गया। उसे डूबता देख युवती ने चिल्लाकर मदद मांगी। आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक युवक पानी में समा चुका था। घटना की सूचना मिलते ही दिवेर थाना प्रभारी दौलत सिंह, हेड कांस्टेबल विकास कुमार, आसूचना अधिकारी कांस्टेबल रंगलाल, कांस्टेबल अनिल कुमार, सचिन और रामलाल मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तुरंत राजसमंद की सिविल डिफेंस टीम को बुलाया और रेस्क्यू शुरू कराया। मंगलवार शाम तक जारी रही तलाश सिविल डिफेंस टीम ने मंगलवार देर शाम तक पानी में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अंधेरा होने और पानी अधिक गहरा होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद रात में रेस्क्यू रोक दिया गया। बुधवार सुबह उदयपुर से एसडीआरएफ की विशेष टीम को बुलाया गया। एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, दिवेर पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से दोबारा रेस्क्यू शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद अर्जुन का शव गहरे कुंड से बाहर निकाला गया। 100 फीट ऊंचाई तक शव पहुंचाना रहा चुनौती जिस कुंड से शव निकाला गया, वह बेहद दुर्गम इलाके में स्थित है। खाईनुमा हिस्से से शव को लगभग 100 फीट ऊंची और खड़ी पहाड़ी तक पहुंचाना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर भारी मशक्कत के बाद शव को ऊपर पहुंचाया। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव थाना प्रभारी दौलत सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक महीने पहले हुई थी सगाई अर्जुन की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार अर्जुन और उसकी मंगेतर की एक महीने पहले ही सगाई हुई थी। दोनों की शादी इसी साल दिसंबर में होने वाली थी। जिस घर में शादी की तैयारियों की चर्चा थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा में अधिकमास के मनोरथों के क्रम में बुधवार को ज्येष्ठ कृष्ण दशमी पर नाव मनोरथ और चंदन पत्ती मंडली का आयोजन किया गया। गोस्वामी तिलकायत राकेश जी महाराज की आज्ञा और गोस्वामी विशाल बावा के मार्गदर्शन में यह आयोजन हुआ। राजभोग झांकी में प्रभु श्रीजी और प्रियाजी को चंदन की सुगंधित पत्तियों और पुष्पों से सजी दुहेरी मंडली में विराजित किया गया। राजभोग झांकी में विशेष श्रृंगार श्रीनाथजी को गुलाबी मलमल की परधनी, हीरा आभूषण, सिरपैंच, मोती की गोल चंद्रिका और पुष्प मालाओं से विशेष श्रृंगार धराया गया। हवेली में उदयपुर के गणगौर घाट, राजमहल और नौका विहार की झलक दर्शाती आकर्षक पिछवाई भी सजाई गई। मोती महल में बना कृत्रिम यमुना तट संध्या समय “चंदन पहर नाव हरि बैठे” मनोरथ के तहत मोती महल में कृत्रिम यमुना तट तैयार किया गया। इत्र से सुवासित जल, कमल पुष्प, मोगरा और गुलाब से सजे तरणताल में नाव विहार कराया गया। चांदी के बंगले में श्री मदनमोहन लालजी को विराजित किया गया और सुसज्जित नाव में नवनीत प्रियाजी को बैठाकर भ्रमण करवाया गया। कीर्तन और दर्शन से श्रद्धालु भावविभोर कीर्तनकारों द्वारा “बैठै घनश्याम सुंदर खेवत है नाव” कीर्तन के मधुर गायन के बीच श्रद्धालुओं का भारी जनसमूह उमड़ पड़ा। प्रभु के अलौकिक नौकायन दर्शन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
उदयपुर शहर के ढीकली गांव में एक अजीब दृश्य सामने आया है। वहां पर जब सांप के कुनबे का रेस्क्यू किया तो उसमें 22 सांप के बच्चे व उनकी मां सहित 23 सांप थे। उदयपुर शहर के वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर के संभागीय अध्यक्ष चमन सिंह चौहान ने बताया कि बुधवार को ढीकली गांव में एक सांप होने की सूचना उन्हें मिली तो टीम के लक्ष्मीलाल गमेती के साथ मौके पर पहुंचे। जहां ट्यूबवेल के चेम्बर में एक सांप दिखाई दिया। टीम ने जैसे ही अपना रेस्क्यू अभियान शुरू किया तो चेंबर में से सांप निकलते जा रहे थे। उन्हें चेम्बर में सांपों का पूरा कुनबा मिला जिसमें 22 सांप के बच्चे व उनकी मां सहित 23 सांप थे जिन्हें रेस्क्यू किया गया। उन्होंने बताया कि यह सभी सांप रसल वाईपर के है। रसल वाईपर सांप अंडे नही देता है। यह सांप सीधे बच्चे देता है इस सांप का मेटींग पिरियड नम्बर माह होता है और जून या जुलाई के पहले सप्ताह में यह बच्चो को जन्म देता है। रेस्क्यू के बाद सांपों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि अगर आपके घर या आसपास कहीं भी कोई वन्य जीव दिखाई दे तो वन विभाग, वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर 9828058158 या 7737470311 पर संपर्क करें। संबंधित ये खबर भी पढ़े.. उदयपुर के होटल में कोबरा और उसके 18 बच्चे दिखे:गार्डन से रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा; एक बार में 12 से 20 अंडे देता कोबरा सांप