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राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। हाल ही में जोधपुर में एक किराना व्यापारी की पैंट की जेब में रखा मोबाइल अचानक बम की तरह फट (ब्लास्ट) गया। इससे व्यापारी के घुटने के ऊपर (जांघ) का हिस्सा और हाथ की अंगुलियां गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद भास्कर टीम जयपुर के ‘टेक हब’ कहे जाने वाले रायसर प्लाजा और गणपति प्लाजा से रिपोर्ट की। यहां कई दुकानदारों ने बताया कि इन दिनों मोबाइल ओवरहीट, बैटरी फूलने, अचानक बंद होने और बैटरी फटने तक की शिकायतें सबसे अधिक आ रही हैं। टेक एक्सपर्ट का कहना है कि तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस पहुंचने पर स्मार्टफोन और उनकी लिथियम-आयन बैटरियों पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे मोबाइल हीट करने लगते हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट... बैटरी फूलने की शिकायतें लेकर पहुंच रहे कस्टमर जयपुर के गणपति प्लाजा में मोबाइल लेकर पहुंचे सोडाला निवासी विशाल चौधरी उबर में बाइक राइडर हैं। पिछले 3 दिन से मोबाइल बहुत अधिक गर्म हो रहा था। फोन पर बात करना मुश्किल हो गया था। कुछ देर बात करने या इंटरनेट ऑन करते ही मोबाइल गर्म होने लगा था। मैकेनिक को दिखाने पर सलाह दी गई है कि कुछ देर के लिए मोबाइल में लोकेशन और इंटरनेट बंद कर दिया करो। लेकिन मुसीबत ये है कि ऐसा करेंगे तो काम प्रभावित होगा। जयपुर के रायसर प्लाजा में मोबाइल रिपेयर करवाने पहुंचे मनोज मीणा ने बताया कि उनके पास 25 हजार का फोन है। पिछले 10 दिनों से मोबाइल अधिक गर्म हो रहा था। मेरा मार्केटिंग का काम है। इसलिए अधिकांश समय सड़कों पर रहते हैं। मोबाइल पर बात करने में भारी परेशानी होती है। डर लगा रहता है कि मोबाइल में ब्लास्ट न हो जाए। जयपुर के रायसर प्लाजा में मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर चला रहे अरविंद सिंह राजपुरोहित बताते हैं- गर्मी अधिक होने के कारण लोग डरे हुए ज्यादा आ रहे हैं। मोबाइल गर्म होने और बैटरी खराब होने की सबसे अधिक शिकायत आ रही है। चेक करने पर हार्डवेयर में कोई बड़ी खराबी नहीं दिखाई दे रही। मोबाइल की बैट्री फूलने की शिकायत आम हो गई है। ऐसे में हम ग्राहकों को सलाह दे रहे हैं कि गर्मी ज्यादा है और आप बाहर हैं तो इंटरनेट और लोकेशन बंद रखें। जरूरत पड़ने पर ऑन करें। इससे मोबाइल ज्यादा हीट नहीं करेगा। मोबाइल बैटरी 35 डिग्री तापमान तक ही सुरक्षित टेक एक्सपर्ट और टेलीकॉम कंपनियों में कंसल्टेंट महेश सेठी ने बताया कि फोन हीट करने की समस्या ज्यादातर बैटरी से जुड़ी है। लीथियम-आयन बैटरियां सामान्य रूप से 35 डिग्री सेल्सियस तक अच्छा काम करती हैं। जैसे ही मोबाइल फोन का टेम्पेरेचर 35 डिग्री से अधिक हो जाता है, सिस्टम भी रिस्पॉन्स करना कम कर देता है। बैटरी के अंदर मौजूद लीथियम-आयन के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया तेज हो जाती है। इससे बैटरी फूलने लगती है। चार्जिंग के समय मोबाइल के आसपास रेडिएशन भी हाई रहता है। हीट होने पर मोबाइल फोन के इंटरनल मदरबोर्ड में शॉर्ट सर्किट हो सकता है और ब्लास्ट हो सकता है। महेश सेठी बताते हैं- मोबाइल फोन फटने की जितनी भी घटनाएं सामने आती हैं, उनमें ज्यादातर मोबाइल फोन अच्छी कंपनी के नहीं होते। कई बार कंपनी के मोबाइल में बैटरी लोकल इस्तेमाल होती है। बार-बार हीट होने से वो बैटरी फूल जाती है। ओवर हीट से खुद बंद हो जाते हैं फोन महेश सेठी बताते हैं- कुछ मोबाइल कंपनियों आजकल ओवरहीट अलर्ट का फंक्शन दे रही हैं। जैसे ही मोबाइल का तापमान 35 डिग्री से ऊपर जाता है, सॉफ्टवेयर अपने आप बंद हो जाता है। इससे मोबाइल फटने का खतरा कम हो जाता है। हालांकि ये फंक्शन कुछ महंगे मॉडल्स में ही उपलब्ध हैं। जिनके फोन में ऐसे ऑप्शंस नहीं हैं, वे मोबाइल ओवर हीट होने पर उसका उपयोग तत्काल रोक दें। मोबाइल को जल्द से जल्द कम तापमान वाली जगह पर शिफ्ट करें। इससे संभावित खतरे को टाला जा सकता है। स्मार्टफोन को चार्ज करने का सही तरीका क्या है? महेश सेठी बताते हैं- हम यही सलाह देते हैं कि गर्मी में मोबाइल का रख-रखाव अच्छे से करें। बैटरी 10 प्रतिशत रह जाए तभी उसे चार्ज करें। अधिकतम 85% तक चार्ज करना ठीक रहता है। बैटरी बार-बार ड्रेन हो रही है या खराब हो गई है तो तुरंत उसे बदलवाएं। अच्छी कंपनी की बैटरी का ही इस्तेमाल करें। आमतौर पर देखा गया है कि मोबाइल यूजर चार्जिंग में मोबाइल लगाकर गेम खेलते हैं। यह भी गलत है। चार्जिंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इंटरनेट बंद रखने से मोबाइल जल्दी चार्ज होगा और बैटरी भी खराब नहीं होगी। ओवर चार्जिंग से भी बचना चाहिए। इससे भी बैटरी के जल्दी खराब होने की आशंका बनी रहती है। बंद कार और बाइक की डिक्की में न रखें मोबाइल फोन जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू, बाड़मेर और जैसलमेर में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मोबाइल फटने के डर से कुछ लोग इसे बाइक की डिक्की में रख देते हैं। कुछ लोग बंद कार के डैशबोर्ड में डाल देते हैं। बंद कार में अंदर का तापमान 60 से 70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो किसी भी स्मार्टफोन के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है। लापरवाही भी बड़ा कारण ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर एसोसिएशन के अध्यक्ष नवनीत पाठक ने बताया- मोबाइल बैटरी ब्लास्ट की अधिकांश घटनाएं किसी ब्रांड की गुणवत्ता नहीं, बल्कि लापरवाही, नकली बैटरी, गैर-प्रमाणित चार्जर, अनधिकृत मरम्मत और अत्यधिक गर्मी के कारण होती हैं। आज की आधुनिक लिथियम-आयन बैटरियां उच्च सुरक्षा मानकों के साथ बनाई जाती हैं। ओवर हीटिंग उन्हें जोखिमपूर्ण बना सकती है। विशेषकर राजस्थान जैसी भीषण गर्मी में फोन को धूप, कार या बंद स्थानों में छोड़ना खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए केवल ऑरिजनल चार्जर और प्रमाणित एक्सेसरीज का उपयोग करें। यदि फोन असामान्य रूप से गर्म हो रहा हो, बैटरी फूल रही हो या कोई खराबी दिखे, तो तुरंत अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच कराएं। जागरूकता, सावधानी और गुणवत्ता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है। राजस्थान में मोबाइल ब्लास्ट के ये केस आ चुके हैं सामने केस-1 : पैंट की जेब में रखा मोबाइल धमाके के साथ फटा, जांघ और अंगुलियां झुलसी 8 जून 2026 को जोधपुर में किराना व्यापारी की पैंट की जेब में रखा मोबाइल अचानक बम की तरह ब्लास्ट हो गया। इसके बाद मोबाइल में आग लग गई। व्यापारी के घुटने के ऊपर (जांघ) का हिस्सा और हाथ की अंगुलियां गंभीर रूप से झुलस गईं। चमड़ी तक उधड़ गई। यह घटना मंडोर कृषि मंडी इलाके की है। घायल व्यापारी गोपाल सोनी के अनुसार, वे दोपहर करीब 3:30 बजे वे मंडी स्थित अपनी किराना दुकान पर बैठे थे। उन्होंने टी-शर्ट पहनी हुई थी, इसलिए फोन पैंट की जेब में था। काउंटर की दराज (ड्रॉवर) में कुछ चेक कर रहे थे तभी अचानक तेज धमाका हुआ। पैंट में आग लग गई। जेब से जलता फोन निकाला तो उंगलियां भी जल गईं। पढ़ें पूरी खबर... केस-2 : चार्जिंग में लगा मोबाइल फटा 18 मई 2024 को कोटा जिले के कनवास क्षेत्र में चार्जिंग पर लगे मोबाइल में ब्लास्ट हो गया। इस हादसे में 14 साल का बच्चा गंभीर घायल हो गया था। विस्फोट इतना जोरदार था कि बच्चे के हाथ का पंजा बुरी तरह जख्मी हो गया। उसकी अंगुलियां व हथेली का मांस कई जगह से फट गया। केस-3 : मोबाइल फटने से मौत 25 फरवरी 2024 को बांसवाड़ा जिले में मोबाइल फटने से एक व्यक्ति की मौत तक हो गई। मलवास बांसवाड़ा के रहने वाले जगमाल (44) ने मोबाइल चार्ज करने के लिए चार्जर को जैसे ही बिजली के बोर्ड में लगाया ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट से मोबाइल, चार्जर और बिजली बार्ड में लगा सॉकेट भी फट गया। धमाके से जगमाल के सीने में घाव हो गया और वह मौके पर ही बेहोश हो गए। अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर...