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कोटपूतली में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के खिलाफ जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना आज लगातार 1294वें दिन भी जारी रहा। समिति ने आज सुबह जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने की मांग की है। इससे पहले, सरूण्ड थाना परिसर में समिति के प्रतिनिधियों और तहसीलदार रामधन गुर्जर, थानाधिकारी यशपाल गुर्जर व खनन विभाग के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई थी। लेकिन यह आश्वासन विफल साबित हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया- यदि एनजीटी के आदेशों का अक्षरशः पालन नहीं होता है, तो समिति 25 जून से जिला कलेक्ट्रेट पर फिर से महापड़ाव शुरू करेगी। यह महापड़ाव आदेशों की पूर्ण पालना होने तक जारी रहेगा। 03 नवंबर 2023 को अपने आदेश में तीन माह का समय शुक्लावास ने जानकारी दी कि एनजीटी ने विगत 03 नवंबर 2023 को अपने आदेश में तीन माह का समय दिया था। हालांकि, सात माह बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा इन आदेशों की पालना नहीं करवाई जा सकी है। समिति का आरोप है कि अल्ट्राटेक प्लांट आज भी गांव की स्कूल, आबादी और मंदिर से 250 से 300 मीटर की दूरी पर ब्लास्टिंग कर रहा है। रात में ध्वनि प्रदूषण और हाई मास्क लाइटें अभी तक नहीं हटाई गई हैं। रात में क्रेशर चलने से धूल उड़ती है और शोर होता है, जिससे ग्रामीण ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी राजकुमार मीणा हमेशा प्लांट के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। 08 जून को महापड़ाव की योजना बनाई थी समिति ने 08 जून को महापड़ाव की योजना बनाई थी, लेकिन प्रशासन ने वार्ता कर एक सप्ताह का और समय मांगा था। प्रशासन द्वारा अपने वादे पर खरा न उतरने के कारण समिति को मजबूरन 25 जून से जिला कलेक्ट्रेट पर महापड़ाव करना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान जिला कलेक्टर ने एनजीटी के आदेश की पालना करवाने का आश्वासन दिया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि पालना नहीं हुई तो महापड़ाव निश्चित रूप से किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास के साथ सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव और अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।